सुशासन तिहार 2026 से बदली किसानों की तस्वीर, KCC लोन से मिल रही आत्मनिर्भरता की नई राह

विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू किया गया ‘सुशासन तिहार 2026’ अब प्रदेश में किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांव-गांव तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।
सरगुजा जिले के आमगांवघाट निवासी किसान राजू लाल इसकी एक मिसाल बनकर सामने आए हैं। उन्होंने समाधान शिविर में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए आवेदन किया और उन्हें वहीं 2 लाख 30 हजार रुपये का लोन स्वीकृत हो गया। राजू लाल ने कहा कि पहले छोटी जरूरतों के लिए भी साहूकारों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब सरकार की मदद से किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
1 मई से 10 जून तक चल रहे ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत गांवों में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में प्रशासन, बैंक और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान कर रहे हैं। आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया एक ही जगह पूरी की जा रही है।
इस अभियान में किसान क्रेडिट कार्ड योजना को विशेष महत्व दिया गया है। किसानों को कम ब्याज दर पर बिना गारंटी 2 लाख से 5 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। समय पर भुगतान करने पर ब्याज दर सिर्फ 4 प्रतिशत तक रहती है। इससे किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरण खरीदने में मदद मिल रही है।
ग्राम आमादरहा के किसान नान सहोदर तिर्की को भी शिविर में ही KCC कार्ड सौंपा गया। उन्होंने कहा कि अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती और गांव में ही समस्याओं का समाधान हो रहा है।
सरकार का कहना है कि इस योजना से किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम हो रही है और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन रहे हैं। सुशासन तिहार के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की कोशिश की जा रही है।
राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसान आत्मनिर्भर बनें। यही वजह है कि ‘सुशासन तिहार 2026’ अब जनता और सरकार के बीच भरोसे का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है।





