कुम्हारी अग्निकांड जांच पर उठे सवाल: पीड़ित परिवार ने लगाए धमकाने और जबरन साइन कराने के आरोप

दुर्ग जिले के कुम्हारी में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब जांच प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने जांच अधिकारियों पर बयान बदलने का दबाव बनाने और बिना जानकारी दिए दस्तखत कराने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित की है।

परिवार का आरोप- बयान बदलने पर धमकी दी गई

हादसे में अपने पिता, दो बहनों और डेढ़ साल की भांजी को खोने वाले गौतम वैष्णव ने आरोप लगाया कि जांच टीम के सदस्य उसे अलग ले गए और बिना पूरी जानकारी दिए कागजों पर साइन करवाए। गौतम का कहना है कि जब उसने सवाल किया तो एक महिला अधिकारी ने बयान बदलने पर थप्पड़ मारने की धमकी दी।

परिवार का दावा है कि घर में लगे बिजली मीटर से आग लगी थी, जबकि जांच टीम शॉर्ट सर्किट या आत्महत्या की दिशा में मामला ले जाने की कोशिश कर रही है। घटना के बाद सामने आए कुछ CCTV फुटेज के बाद परिवार को जांच की निष्पक्षता पर संदेह है।

3 मिनट में राख हुआ घर, मोहल्ले में अब भी दहशत

कुम्हारी के खपरी गांव स्थित झोपड़ी में आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। बांस, खपरैल और तिरपाल से बना पूरा मकान कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गया। पड़ोसियों के मुताबिक आग के दौरान सिलेंडर ब्लास्ट हुआ, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई।

घटना में घायल हुई पड़ोसी बैदू सिन्हा ने बताया कि लोग आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सिलेंडर फटने के बाद कोई भी घर के पास नहीं जा सका। धमाके में गिरने से उनके हाथ में फ्रैक्चर भी हो गया।

इलाके के लोगों ने बिजली व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मोहल्ले में लंबे समय से बिजली के तारों और खंभों में स्पार्किंग की शिकायतें हो रही थीं, लेकिन विभाग ने स्थायी समाधान नहीं किया।

16 मई तक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

घटना के बाद दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने छह सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। जांच की जिम्मेदारी भिलाई-3 के तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी रवि विश्वकर्मा को सौंपी गई है। कमेटी में पुलिस, नगर सेना, मेडिकल ऑफिसर, वैज्ञानिक अधिकारी और बिजली विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

प्रशासन ने टीम को 16 मई तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। वहीं तहसीलदार रवि विश्वकर्मा ने कहा कि जांच प्रक्रिया सभी अधिकारियों की मौजूदगी में हुई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी पर धमकी देने का आरोप है तो नाम सामने आने पर उसकी जांच कराई जाएगी।

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