भारतीय वायुसेना को मिलेंगे 114 नए फाइटर जेट, ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में बनेंगे 92 विमान

भारतीय वायुसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, इस बड़े रक्षा सौदे के लिए शुरुआती टेंडर दस्तावेज लगभग तैयार हो चुके हैं और जल्द ही इसे आधिकारिक रूप से जारी किया जा सकता है।
करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये की इस डील को भारत की सुरक्षा और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस योजना के तहत 114 लड़ाकू विमानों में से 22 विमान सीधे विदेश से उड़कर भारत आएंगे, जबकि बाकी 92 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।
क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट?
भारतीय वायुसेना इस समय लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। चीन और पाकिस्तान जैसी दोहरी चुनौतियों को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए विमानों के शामिल होने से वायुसेना की ताकत और तेज प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी।
राफेल को माना जा रहा मजबूत दावेदार
फ्रांस का राफेल विमान इस डील में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। भारत पहले ही 36 राफेल विमानों को वायुसेना में शामिल कर चुका है। ऐसे में ट्रेनिंग, रखरखाव और तकनीकी ढांचा पहले से मौजूद है। राफेल अपनी आधुनिक तकनीक, मजबूत रडार और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम के लिए जाना जाता है।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा
भारत में 92 विमानों के निर्माण से रक्षा क्षेत्र में हजारों रोजगार पैदा होंगे। साथ ही भारतीय कंपनियों को आधुनिक रक्षा तकनीक सीखने और विकसित करने का मौका मिलेगा। सरकार का लक्ष्य भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना है।
कब मिल सकते हैं नए विमान?
यदि 2026 में इस सौदे पर हस्ताक्षर होते हैं, तो पहला लड़ाकू विमान 2029 या 2030 तक भारतीय वायुसेना को मिल सकता है। शुरुआती चरण में विदेश से आने वाले विमान शामिल होंगे, जबकि बाद में भारत में निर्माण शुरू किया जाएगा।





