कांग्रेस से दूरी के संकेत! संसद में अलग बैठने की मांग, DMK ने बढ़ाई INDIA गठबंधन की मुश्किलें

कनिमोझी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर संसद में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। इस कदम को कांग्रेस के साथ डीएमके के गठबंधन खत्म होने और INDIA गठबंधन से दूरी बनाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
7 मई को लिखे गए पत्र में कनिमोझी ने “बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों” का हवाला देते हुए कहा कि अब कांग्रेस सांसदों के साथ बैठना उचित नहीं है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से डीएमके संसदीय दल के लिए अलग सीटिंग व्यवस्था करने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने और भविष्य के चुनाव साथ लड़ने के फैसले के बाद दोनों दलों के रिश्तों में दूरी बढ़ी है।
डीएमके और कांग्रेस लंबे समय से राष्ट्रीय और तमिलनाडु की राजनीति में सहयोगी रहे हैं। ऐसे में यह फैसला विपक्षी राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। संसद में डीएमके के 22 लोकसभा और 8 राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए इस अलगाव का असर कई अहम विधेयकों और विपक्षी रणनीति पर पड़ सकता है।
अब सभी की नजरें लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हैं। अगर यह मांग मंजूर होती है तो संसद में डीएमके एक अलग राजनीतिक समूह के रूप में दिखाई देगी।





