सम्राट कैबिनेट में नीतीश कुमार के बेटे निशांत की एंट्री, सादगी और आध्यात्मिक छवि के लिए हैं चर्चित

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने सम्राट कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले ली है। मंत्रिमंडल विस्तार में कई नए चेहरों को मौका मिला, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार की एंट्री को लेकर हो रही है।
राजनीति में नई शुरुआत, लेकिन लंबे समय से चर्चा में
निशांत कुमार हाल ही में सक्रिय राजनीति में आए हैं। उन्होंने इसी साल 8 मार्च को जेडीयू जॉइन की थी। राजनीति में आने के बाद उन्होंने ‘सद्भाव यात्रा’ शुरू की, जिसके जरिए वह अपने पिता के राजनीतिक मूल्यों और विकास कार्यों को लोगों तक पहुंचाने की बात करते रहे हैं।
सादगी और शांत स्वभाव से अलग पहचान
निशांत कुमार को बेहद सरल और आध्यात्मिक प्रवृत्ति का माना जाता है। वह भीड़भाड़ और राजनीतिक शोर-शराबे से दूरी बनाकर रखते हैं। उनकी सबसे खास बात उनका शांत स्वभाव और सभी से विनम्र तरीके से बातचीत करना माना जाता है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं निशांत
निशांत कुमार ने पटना के सेंट करेन स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद मसूरी के मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षा हासिल की। उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है।
राजनीति में आने से पहले नहीं थी रुचि
20 जुलाई 1975 को जन्मे निशांत शुरुआत में राजनीति से दूर रहते थे। हालांकि बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वह कई बार कह चुके हैं कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य अपने पिता के राजनीतिक सिद्धांतों और कार्यशैली को आगे बढ़ाना है।
‘जय निशांत तय निशांत’ नारे से मिली पहचान
जेडीयू ने उनके लिए खास नारा “जय निशांत तय निशांत” भी तैयार किया था। उन्होंने अपनी चर्चित सद्भाव यात्रा की शुरुआत चंपारण से की थी। इस यात्रा के दौरान उन्होंने लोगों से संवाद कर फीडबैक लेने और विकास कार्यों की जानकारी देने की बात कही थी।
रामचंद्र प्रसाद भी पहली बार बने मंत्री
सम्राट मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी विधायक रामचंद्र प्रसाद को भी मंत्री बनाया गया है। दरभंगा की हायाघाट सीट से विधायक रामचंद्र प्रसाद ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत जिला परिषद चुनाव से की थी। बाद में बीजेपी में शामिल होकर उन्होंने अपनी मजबूत पहचान बनाई।





