भारत के चुनावी मॉडल की वैश्विक सराहना: IEVP 2026 में विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा—‘लोकतंत्र का सच्चा उत्सव’

भारत निर्वाचन आयोग के ‘अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम’ (IEVP) 2026 के तहत 16 देशों के 32 प्रतिनिधियों ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का अवलोकन किया और भारतीय चुनावी व्यवस्था की खुलकर सराहना की।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया की विशालता, सटीकता और पारदर्शिता को “लोकतंत्र का सच्चा उत्सव” बताया।
चुनावी प्रक्रिया ने किया प्रभावित
प्रतिनिधियों ने चेन्नई और सिलीगुड़ी समेत कई मतदान केंद्रों का दौरा कर पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा।
- EVM (कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट, VVPAT) की पारदर्शी प्रणाली
- सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स और मतदान दलों की आवाजाही
- 100% वेबकास्टिंग से निगरानी व्यवस्था
इन सभी पहलुओं ने विदेशी मेहमानों को खासा प्रभावित किया।
मतदाता सुविधाओं की जमकर तारीफ
प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से समावेशी व्यवस्थाओं की सराहना की:
- बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा
- मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और स्वयंसेवक
- महिलाओं और दिव्यांगों द्वारा संचालित विशेष बूथ
- शिशु देखभाल (क्रेच) जैसी सुविधाएं
इन व्यवस्थाओं को उन्होंने लोकतंत्र को और मजबूत बनाने वाला कदम बताया।
रिकॉर्ड भागीदारी और पारदर्शिता की तारीफ
प्रतिनिधियों ने रिकॉर्ड मतदाता भागीदारी, शांतिपूर्ण मतदान और सूक्ष्म योजना की भी प्रशंसा की। उनका कहना था कि भारत ने दुनिया को यह दिखाया है कि इतने बड़े पैमाने पर चुनाव कैसे सफलतापूर्वक कराए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, IEVP 2026 के जरिए भारत की चुनावी प्रणाली एक बार फिर वैश्विक मंच पर उदाहरण बनकर उभरी है, जिसे पारदर्शिता, समावेशिता और कुशल प्रबंधन के लिए सराहा जा रहा है।





