नाबालिग से रेप और हत्या के आरोपी की अपील खारिज, हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी

बिलासपुर। बीजापुर जिले में नाबालिग से रेप और हत्या के आरोपी की अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने डीएनए प्रोफाइलिंग और मेडिकल सबूतों को मजबूत मानते हुए आरोपी की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि यौन शोषण और हत्या जैसे गंभीर मामलों में पक्के मेडिकल सबूत और भरोसेमंद डीएनए प्रोफाइलिंग ही सबसे अहम आधार होते हैं। अगर वैज्ञानिक सबूत साफ तौर पर अपराध साबित करते हैं, तो उसी के आधार पर सजा दी जा सकती है।
मामला 13 जनवरी 2020 का है, जब बीजापुर के एक गांव में नाबालिग लड़की बाजार जाने निकली थी। आरोपी ने उसकी दादी को भरोसा दिलाकर लड़की को अपने साथ ले गया, जिसके बाद वह लापता हो गई। बाद में उसकी लाश बरामद हुई और पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान मृतका के शरीर से मिले स्पर्म का डीएनए आरोपी से मैच हुआ, जिसे कोर्ट ने सबसे मजबूत सबूत माना। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को रेप और हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी थी, जिसे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। आरोपी 19 जनवरी 2020 से जेल में बंद है और अब वह सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है।




