रायपुर का ‘चिट्ठी वाले हनुमान जी’ मंदिर बना आस्था का केंद्र, पत्र लिखकर मांगते हैं मनोकामना

राजधानी में स्थित एक अनोखा हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं के बीच खास आस्था का केंद्र बन गया है। यहां भक्त अपनी मनोकामनाएं कागज पर लिखकर भगवान हनुमान के चरणों में अर्पित करते हैं। इसी परंपरा के कारण यह मंदिर ‘चिट्ठी वाले हनुमान जी’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया है।
मान्यता है कि यहां लिखकर अर्पित की गई प्रार्थनाएं विशेष रूप से स्वीकार होती हैं और एक साल के भीतर भक्तों की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। इस विश्वास के चलते बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर अपनी समस्याएं और इच्छाएं पत्र के रूप में समर्पित करते हैं।
यह मंदिर बूढ़ातालाब के पास कैलाशपुरी और टिकरापारा जाने वाले मार्ग पर स्थित है। मंदिर के पुजारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। लोग नौकरी, आर्थिक स्थिति, कर्ज से मुक्ति, पारिवारिक सुख-शांति समेत विभिन्न मनोकामनाएं लिखकर अर्पित करते हैं।
मंदिर में रोजाना सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है, जबकि मंगलवार और शनिवार को विशेष भीड़ रहती है। स्थानीय लोगों के बीच यह स्थान गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक बन चुका है, जहां हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु अपनी उम्मीदों के साथ पहुंचते हैं।





