बस्तर में बड़े नक्सली पापाराव ने किया सरेंडर, 18 साथियों संग डाले हथियार

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित करने की तय समयसीमा से पहले ही इलाके के बड़े नक्सली पापाराव ने अपने 18 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।
पापाराव उर्फ मंगू, जो सुकमा जिले का निवासी है, नक्सल संगठन में अहम भूमिका निभा रहा था। वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य था। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ था और कई बार मुठभेड़ों में बच निकलने में सफल रहा था।
जानकारी के अनुसार, पापाराव अपने साथियों के साथ बीजापुर जिले के कुटरू थाने पहुंचा, जहां से सभी को जगदलपुर लाया गया। इस दौरान नक्सलियों के पास से 8 एके-47, एक एसएलआर और एक इंसास राइफल समेत अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं।
पापाराव के सरेंडर को बस्तर में नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी लगभग खत्म हो गई है। इससे पहले भी कई बड़े नक्सली या तो मारे जा चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिससे संगठन लगातार कमजोर हुआ है।
पिछले एक साल में नक्सल संगठन को लगातार नुकसान हुआ है। कई शीर्ष नक्सलियों के मारे जाने और बड़े कैडर के सरेंडर के बाद अब क्षेत्र में माओवाद के प्रभाव में तेजी से कमी आने की बात कही जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आत्मसमर्पण के बाद बस्तर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर और अधिक नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।





