पश्चिम एशिया संकट पर भारत की अपील: बातचीत से निकले समाधान, MEA ने दी बड़ी जानकारी

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव, चाबहार पोर्ट, अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों और अन्य वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत जानकारी दी है। मंत्रालय ने साफ कहा कि तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे बेहतर रास्ता है।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट को लेकर BRICS देशों के बीच सहमति बनाने में कठिनाई आ रही है, क्योंकि कुछ सदस्य देश सीधे इस संघर्ष से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जो भारतीय नागरिक ईरान-अजरबैजान सीमा पार करना चाहते हैं, उन्हें पहले तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करना अनिवार्य है। बिना समन्वय के यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है, ताकि सुरक्षा और लॉजिस्टिक जोखिमों से बचा जा सके।
चाबहार पोर्ट को लेकर MEA ने बताया कि अमेरिका ने इस परियोजना के लिए प्रतिबंध छूट (sanctions waiver) को 26 अप्रैल तक बढ़ाने का संकेत दिया है। भारत इस विषय पर सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है।
अफगानिस्तान में स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने काबुल में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की और इसे “बर्बर हमला” बताया। साथ ही पाकिस्तान के परमाणु प्रसार के इतिहास पर भी चिंता जताई गई।
MEA ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के सुल्तान, इमैनुएल मैक्रों और मलेशिया के प्रधानमंत्री से बातचीत की है। वैश्विक स्तर पर नेताओं के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है।
इसके अलावा अजीत डोभाल और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच भी चर्चा हुई, जिसे सामान्य कूटनीतिक संवाद बताया गया। वहीं एस. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर मौजूदा हालात पर विचार साझा किए।
भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि संघर्ष का स्थायी समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है, और यही उसकी प्राथमिकता है।





