NSUI Memorandum: महर्षि यूनिवर्सिटी में अनियमितताओं का आरोप, एनएसयूआई ने कलेक्टर से की कड़ी कार्रवाई की मांग
एक ही भवन और स्टाफ से दो संस्थानों में डीएलएड संचालन का मामला, जांच के बाद कार्रवाई की मांग

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन (NSUI Memorandum) सौंपकर मंगला स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी और महर्षि शिक्षा संस्थान में कथित अनियमितताओं की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दोनों संस्थानों द्वारा डी.एल.एड. पाठ्यक्रम का संचालन नियमों के विरुद्ध किया जा रहा है। एक ही भूमि-भवन, एक ही प्राचार्य और कर्मचारियों के दस्तावेजों के आधार पर दो अलग-अलग संस्थानों के नाम से पाठ्यक्रम संचालित किए जाने का मामला सामने आया है।
निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2005 और यूजीसी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि (NSUI Memorandum)
एनएसयूआई के अनुसार इस संबंध में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा की गई जांच में भी निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2005 और यूजीसी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है। शिकायत में यह भी बताया गया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर डीएलएड प्रशिक्षार्थियों के इंटर्नशिप (शाला अनुभव) कार्यक्रम पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
वहीं आदिम जाति कल्याण विभाग की जांच में भी छात्रवृत्ति से संबंधित मामलों में तथ्य छिपाने और न्यायालयीन प्रकरण के संबंध में भ्रामक जानकारी देने की बात सामने आई है। एनएसयूआई ने कलेक्टर से मांग की है कि प्राप्त जांच प्रतिवेदनों के आधार पर विश्वविद्यालय प्रबंधन, कुलपति और कुलसचिव के खिलाफ नियमानुसार कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों के हितों की रक्षा हो





