फ्लोरामैक्स ठगी मामले में आयोग सख्त, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश

रायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने फ्लोरामैक्स ठगी मामले में सख्त रुख अपनाते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत के बाद की गई है।

पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया था कि फ्लोरामैक्स कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर 40 हजार से अधिक महिलाओं से अरबों रुपये की ठगी की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने इस मामले में शासन और आयोग को गलत जानकारी दी थी।

आयोग ने पहले भी दिया था कार्रवाई का निर्देश

आयोग ने 16 अक्टूबर 2025 को सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि फ्लोरामैक्स मामले में पीड़ितों की शिकायतों पर कार्रवाई की जाए। लेकिन 30 दिन बीतने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी आयोग को नहीं भेजी गई।

इस पर आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 17 मार्च को मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश जारी किए हैं।

महिलाओं से ठगी का आरोप

ननकी राम कंवर ने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी हजारों महिलाओं से ठगी से संबंधित है। उनका आरोप है कि इस तरह की घटनाओं से योजना को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

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उन्होंने आयोग से मांग की है कि मामले में शामिल कोरबा जिले के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए।

फिलहाल आयोग के इस निर्देश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है और अब सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

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