टेलीग्राम के झांसे में आकर SBI कैशियर ने 2.6 करोड़ का गबन किया, ACB ने 8 महीने बाद किया गिरफ्तार

बिलासपुर जिले के बिल्हा स्थित एसबीआई शाखा में 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 600 रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है। शाखा की कैशियर पर रिकॉर्ड और खातों में छेड़छाड़ कर बैंक की राशि निजी खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है। मामले का खुलासा होने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी कैशियर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार 19 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 के बीच महज 15 दिनों में यह बड़ी रकम बैंक कैश से गायब हुई। शाखा प्रबंधक को गड़बड़ी का संदेह होने पर विभागीय जांच की गई। जांच में कैश की जिम्मेदारी संभाल रही कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा की भूमिका सामने आई।
प्रारंभिक पूछताछ में कैशियर ने राशि बैंक के रखरखाव, भोजन और अन्य खर्चों में उपयोग करने की बात कही, लेकिन जांच में पता चला कि रकम विभिन्न निजी खातों में ट्रांसफर की गई थी। सख्ती से पूछताछ करने पर कैशियर ने बताया कि उसे टेलीग्राम पर खुद को फाइनेंशियल ऑफिसर बताने वाले व्यक्ति का संदेश मिला था, जिसमें निवेश करने पर रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया था। इसी झांसे में आकर उसने बैंक की राशि बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दी।
न तो उसे कोई मुनाफा मिला और न ही रकम वापस आई। चूंकि मामला सरकारी राशि के गबन से जुड़ा था, इसलिए शाखा प्रबंधक ने मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी। मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामला दर्ज होने के बाद कैशियर को निलंबित कर क्षेत्रीय कार्यालय से अटैच किया गया, लेकिन वह ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुई और करीब आठ महीने तक फरार रही। गुरुवार को वह बिल्हा स्थित शाखा पहुंची, जहां पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी हेराफेरी अकेले संभव नहीं लगती, इसलिए शाखा प्रबंधक सहित अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उनकी जांच की जा रही है। जांच में साइबर फ्रॉड के पहलू सामने आने पर उस दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन-किन खातों में गई और इस प्रकरण में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।





