SIR के बाद 9 राज्यों में मतदाताओं की संख्या घटी, कुल 7.9% की कमी दर्ज

दिल्ली। निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद देश के नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इन क्षेत्रों में एसआईआर से पहले कुल 21.45 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर 19.75 करोड़ रह गए हैं। इस तरह कुल 7.9% की कमी सामने आई है।

शनिवार को आयोग ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गोवा, केरल और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की अंतिम मतदाता सूची जारी की। अब तक 12 में से 9 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में पुनरीक्षण जारी है।

ड्राफ्ट सूची में मतदाताओं की संख्या 19.33 करोड़ दर्ज की गई थी, जो पहले की तुलना में 9.9% कम थी। दावे और आपत्तियों के बाद अंतिम सूची में संख्या बढ़कर 19.75 करोड़ हो गई, लेकिन फिर भी शुरुआती आंकड़ों से कम बनी हुई है। यह स्थिति बिहार में पिछले वर्ष हुए पुनरीक्षण से मिलती-जुलती है।

राज्यवार आंकड़ों में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह (16.9%), गुजरात (13.4%) और छत्तीसगढ़ (11.8%) में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। वहीं लक्षद्वीप (0.4%), केरल (3.2%) और राजस्थान (5.7%) में अपेक्षाकृत कम कमी रही। केरल में ड्राफ्ट और अंतिम सूची के बीच 5.9% का सबसे बड़ा सुधार दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश में अंतिम सूची में 5.39 करोड़ मतदाता दर्ज हुए, जबकि राजस्थान में यह संख्या 5.15 करोड़ रही। छत्तीसगढ़ में 1.87 करोड़ और गोवा में 10.6 लाख मतदाता अंतिम सूची में शामिल हैं। गोवा एकमात्र राज्य रहा, जहां अंतिम सूची ड्राफ्ट से भी छोटी हो गई।

आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और विश्वसनीय बनी रहे।

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