सुप्रीम कोर्ट में ED का हलफनामा: ममता बनर्जी पर जांच में बाधा और साक्ष्य से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट of India में दाखिल अपने हलफनामे में पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में हस्तक्षेप और डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी का दावा है कि कोलकाता में चल रही तलाशी कार्रवाई के दौरान प्रभाव और शक्ति का दुरुपयोग किया गया।
लाउडन स्ट्रीट पर सर्च ऑपरेशन में दखल का आरोप
ED के अनुसार, 8 फरवरी 2026 को कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित एक फ्लैट में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। यह कार्रवाई ED अधिकारी प्रशांत चांदिल की अगुवाई में की जा रही थी और केंद्रीय सुरक्षा बल (CRPF) की टीम भी मौजूद थी।
एजेंसी का कहना है कि तलाशी से संबंधित सभी अधिकृत दस्तावेज और वारंट पुलिस को दिखाए गए थे। इसके बावजूद, कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण सर्च ऑपरेशन प्रभावित हुआ।
मुख्यमंत्री पर सीधे आरोप
ED ने अपने हलफनामे में कहा है कि दोपहर लगभग 12:05 बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंचीं। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने मामले से जुड़े डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और अन्य सामग्री अपने कब्जे में ले ली। ED ने इसे कानून का उल्लंघन और जांच में सीधा हस्तक्षेप बताया है।
पुलिस पर FIR और हस्तक्षेप के आरोप
ED ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की, जबकि उन्हें पहचान और अधिकृत वारंट दिखाया जा चुका था। एजेंसी का कहना है कि स्थानीय पुलिस का दायित्व केवल सुरक्षा देना था, लेकिन उन्होंने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया।
वहीं, कोलकाता पुलिस ने अपने जवाब में ED पर गलत तरीके से प्रवेश और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। ED ने इन आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है।
सुप्रीम कोर्ट से CBI जांच की मांग
ED ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि राज्य सरकार और पुलिस के आरोपों को खारिज किया जाए और जांच में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एजेंसी ने निष्पक्ष जांच के लिए मामले को CBI को सौंपने की मांग भी की है।
मामले ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव को और गहरा कर दिया है। अब इस संवेदनशील प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं।





