राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में महाकाल कॉन्फ्रेंस वेबसाइट लॉन्च, शोध को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शोधार्थी समागम-2026 में भाग लेते हुए International Conference on Mahakal The Master of Times की आधिकारिक वेबसाइट और ब्रोशर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने सहभागिता की। 14 फरवरी तक चलने वाले इस आयोजन में शोध, विज्ञान और नवाचार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शोध केवल अकादमिक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने की शक्ति है। उन्होंने कहा कि शोध ऐसा होना चाहिए जो नई दृष्टि और नई दिशा प्रदान करे। शोधार्थियों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी जिज्ञासा और रुचि के क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें और देश के विकास में योगदान दें।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता आविष्कार की जननी है और शोध विज्ञान तथा वैज्ञानिक पद्धतियों का आधार है। जब मानवीय प्रज्ञा में वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश होता है, तो वह प्रज्ञान का रूप ले लेता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। शोध को आधुनिक और परिष्कृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने शोधार्थियों को परंपरागत सीमाओं से आगे बढ़कर नवीन और समाजोन्मुखी अनुसंधान करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने यह भी कहा कि शोध समाज आधारित होना चाहिए और उसमें राष्ट्र कल्याण की भावना निहित होनी चाहिए। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम देश के शोधार्थियों को नई दिशा देने का मंच प्रदान कर रहा है।





