One day strike: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल,श्रम कानूनों और सरकारी नीतियों के खिलाफ मजदूरों का हल्लाबोल
केंद्र की 'कॉरपोरेट समर्थक' नीतियों के विरोध में सड़क पर उतरे कर्मचारी

केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और कॉरपोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ आज, (One day strike) यानी 12 फरवरी को केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी संगठनों की मुख्य मांगों में चार नई श्रम संहिताओं को रद्द करने के साथ-साथ बीज विधेयक, विद्युत संशोधन विधेयक और ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अधिनियम’ को तत्काल वापस लेना शामिल है।
बिलासपुर में कांग्रेस का ट्रेड यूनियनों को समर्थन, (One day strike)
इसके अलावा, मजदूर संगठन मनरेगा को उसके पुराने स्वरूप में बहाल करने और ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ को समाप्त करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है; बिलासपुर में कांग्रेस ने इसे जायज ठहराते हुए अपना पूर्ण समर्थन दिया है। इस संदर्भ में सिद्धांशु मिश्रा ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि यह प्रदर्शन मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है, क्योंकि वर्तमान नीतियां न केवल मजदूरों की आय को खत्म करने वाली हैं, बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण को बाधित कर उनके हितों के साथ अन्याय कर रही हैं…..





