तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले डीएमके–कांग्रेस में सीट बंटवारे की गहमागहमी, राहुल गांधी 10 फरवरी को करेंगे अहम बैठक

तमिलनाडु में इस साल प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। डीएमके–कांग्रेस गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अटकलें चल रही हैं, हालांकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थागई ने किसी भी तरह के तनाव से इनकार किया है। उनका कहना है कि डीएमके मनचाही सीटें देने को तैयार है और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन सत्ता साझा करने को लेकर उदार रुख रखते हैं।
कांग्रेस इस बार पिछली तुलना में अधिक सीटों की मांग कर रही है। गौरतलब है कि 2021 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 25 सीटें मिली थीं, जिनमें से वह सीमित सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई थी। इसी आधार पर पार्टी इस बार बेहतर हिस्सेदारी चाहती है।
तमिलनाडु के 2026 विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला चार दलों—एआईएडीएमके, डीएमके, नाम तमिलर काची और तमिलनाडु वेट्री कज़गम—के बीच माना जा रहा है। एआईएडीएमके और डीएमके अपने गठबंधन दलों की लगभग 90% घोषणा कर चुके हैं; अब फोकस सीट बंटवारे पर है।
डीएमके गठबंधन में कांग्रेस के अलावा एलटीटीई (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिलनाडु), सीपीएम, सीपीआई, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, कोंगुनाडु पीपुल्स नेशनल पार्टी, एमडीएमके और मक्कल नीधि मय्यम जैसी पार्टियां शामिल हैं।
इस बीच 10 फरवरी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिल्ली में तमिलनाडु कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि गठबंधन में बड़े बदलाव न होने से कांग्रेस के भीतर असंतोष बना हुआ है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, कांग्रेस के पास विकल्पों पर विचार करने की गुंजाइश है, लेकिन राज्य में राजनीतिक मजबूती डीएमके के साथ गठबंधन में बने रहने से ही संभव मानी जा रही है। अब निगाहें आने वाले दिनों में होने वाले फैसलों पर टिकी हैं।





