धान नहीं बिकने से परेशान किसान टावर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद उतारकर भेजा गया जेल

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में धान का टोकन नहीं मिलने से परेशान एक किसान 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
ग्राम कसौंदी निवासी किसान अनिल गढ़वाल (35) लंबे समय से धान बिक्री नहीं होने से मानसिक तनाव में था। उसके अनुसार इस खरीफ सीजन में वह 29 क्विंटल धान बेच चुका था, लेकिन करीब 150 बोरा धान अब तक नहीं बिक पाया था। उस पर लगभग डेढ़ लाख रुपए का कर्ज भी था।
शनिवार सुबह गुस्से और तनाव में आकर उसने शराब पी और गांव के पास लगे 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया। ऊपर बैठकर उसने साफ कहा कि जब तक उसका बचा हुआ धान नहीं बिकेगा, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा।
किसान को टावर पर चढ़ा देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और उसे समझाने का प्रयास शुरू किया। सुरक्षा के लिहाज से नीचे जाली बिछाई गई और नगर सेना की टीम को भी बुलाया गया।
इस दौरान किसान अपनी पत्नी और परिजनों की बात भी नहीं मान रहा था। वह मोबाइल के जरिए अधिकारियों से बात करता रहा और बार-बार चेतावनी देता रहा कि मांग पूरी नहीं होने पर वह नीचे नहीं उतरेगा।
लगातार समझाइश और अधिकारियों के आश्वासन के बाद आखिरकार किसान को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद उसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
पुलिस ने बाद में किसान को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने और आत्महत्या का प्रयास करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में उसने धान बिक्री नहीं होने और टोकन नहीं मिलने से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात स्वीकार की है।
इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और किसानों के हित में स्पष्ट और लिखित आदेश जारी करने की मांग की है।





