8 गिलास पानी – एक मिथक या ज़रूरत?

लंबे समय से यह धारणा रही है कि हर व्यक्ति को रोज़ाना 8 गिलास पानी पीना चाहिए। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई सटीक नियम नहीं है, बल्कि एक सामान्य गाइडलाइन है।
दरअसल, हर व्यक्ति की पानी की ज़रूरत अलग होती है, जो कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे:
शरीर का वजन और गतिविधि स्तर, मौसम (गर्मी या ठंड),जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थितियां आप क्या खाते हैं (जैसे फल-सब्जियों में पहले से पानी होता है)
शरीर के संकेतों को समझें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पानी तब पीना चाहिए जब प्यास लगे। हमारा शरीर खुद संकेत देता है कि उसे कब पानी की ज़रूरत है।
पेशाब का रंग भी एक अच्छा संकेतक है – अगर वह हल्के पीले रंग का है, तो इसका मतलब है कि शरीर हाइड्रेटेड है।
अमेरिकी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिसिन (IOM) के अनुसार:
पुरुषों को प्रतिदिन लगभग 3 लीटर (13 कप)
महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 2.2 लीटर (9 कप) पानी पीना चाहिए
इसमें सिर्फ पीने का पानी ही नहीं, बल्कि चाय, जूस, फल-सब्जी, और अन्य खाद्य पदार्थों से मिलने वाला तरल भी शामिल है।
आपके वातावरण का भी असर
जहां आप रहते हैं, वहां का मौसम भी बहुत मायने रखता है। अगर आप गर्म और आर्द्र इलाके में रहते हैं, तो पसीना ज़्यादा आता है और शरीर को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। वहीं, ठंडी जगहों पर यह ज़रूरत थोड़ी कम हो सकती है।
नतीजा क्या निकला?
हर दिन 8 गिलास पानी पीना एक सामान्य सलाह है, लेकिन यह कोई अनिवार्य नियम नहीं है। बेहतर है कि आप अपने शरीर की ज़रूरतों को समझें, प्यास लगने पर पानी पिएं और पेशाब का रंग हल्का रखें।
याद रखें ज़रूरत से ज़्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है।





