1 लाख तो नहीं, सोना हो सकता है और भी महंगा, अगर नहीं थमा इजराइल-ईरान तनाव

नई दिल्ली | 16 जून 2025
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को सोने ने नया कीर्तिमान बनाया, जब इसकी कीमत ₹1,00,314 प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई। यह पहली बार है जब घरेलू वायदा बाजार में सोना एक लाख रुपये के ऊपर बंद हुआ है। इसके पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव — विशेष रूप से इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी — और भारतीय रुपये में कमजोरी जैसी कई प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर इजरायली हमलों के बाद निवेशक एक बार फिर ‘सुरक्षित-हेवन’ मानी जाने वाली संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। SS वेल्थस्ट्रीट की सुगंधा सचदेवा के अनुसार, अगर हालात और बिगड़े तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें $3,500 प्रति औंस तक जा सकती हैं।
इसके साथ ही, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी सोने की कीमतों को ऊपर धकेलने में योगदान दिया है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने बताया कि रुपया गिरकर 86.10 प्रति डॉलर पर आ गया है, जिससे आयातित सोना और महंगा हो गया है।
हालांकि कुछ विशेषज्ञ इस तेजी को सट्टा गतिविधियों और एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग से भी जोड़ते हैं। जूलियस बेयर के कार्स्टन मेनके का मानना है कि वर्तमान तेजी का कारण वास्तविक मांग नहीं बल्कि बाजार की अटकलें हैं।
जनवरी 2025 से अब तक सोना लगभग 31% का रिटर्न दे चुका है, जिससे यह इस साल की सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली संपत्तियों में गिना जा रहा है। वेंचुरा सिक्योरिटीज के एनएस रामास्वामी के मुताबिक, अगर यही रुख रहा तो सोने की कीमत निकट भविष्य में ₹1,02,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है।
बड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसे बैंक ऑफ अमेरिका और गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि 2026 तक सोना $4,000 प्रति औंस के स्तर को पार कर सकता है। फिलहाल, अस्थिर वैश्विक माहौल में निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं।





