लाउडस्पीकर विवाद से महायुति सरकार में तकरार तेज, अजित पवार की अपील बेअसर

मुंबई। महाराष्ट्र में महायुति सरकार के घटक दलों — एनसीपी (अजित पवार गुट) और बीजेपी — के बीच एक बार फिर टकराव देखने को मिल रहा है। मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को लेकर बीजेपी नेता किरीट सोमैया द्वारा चलाए जा रहे अभियान से सरकार के भीतर तनाव बढ़ गया है। डिप्टी सीएम अजित पवार ने सोमैया से आंदोलन रोकने की अपील की थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा।
अजित पवार ने हाल ही में मुस्लिम नेताओं और मौलानाओं के साथ बैठक कर उन्हें भरोसा दिलाया था कि लाउडस्पीकर के खिलाफ जारी अभियान पर रोक लगेगी। उन्होंने खुद किरीट सोमैया से अपील की थी कि आंदोलन बंद करें क्योंकि इससे मुस्लिम समुदाय में डर का माहौल बन रहा है। इसके बावजूद सोमैया अपने अभियान पर कायम हैं।
सोमैया का अभियान जारी, पुलिस थानों में देंगे शिकायत
बीजेपी नेता किरीट सोमैया पिछले चार महीनों से मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। वे लगातार विभिन्न पुलिस थानों में जाकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं और लाउडस्पीकर हटाने की मांग कर रहे हैं। आज वे मालवणी और कांदिवली पुलिस थानों में जाकर 8 मस्जिदों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। इन शिकायतों में अधिक डेसिबल पर अजान पढ़े जाने का मुद्दा उठाया जाएगा।
महायुति में खींचतान जारी
महाराष्ट्र में महायुति सरकार को बने छह महीने से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन घटक दलों के बीच मतभेद लगातार सामने आते रहे हैं। पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम अजित पवार के बीच तालमेल की कमी की खबरें आईं, और अब एनसीपी तथा बीजेपी आमने-सामने हैं। इससे सरकार के भीतर समन्वय की कमी और अंतर्विरोध एक बार फिर उजागर हो गया है।
महायुति सरकार के लिए यह विवाद न केवल राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले जनसमुदाय में संदेश को लेकर भी एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।





