पश्चिम बंगाल में भारी बारिश से तबाही, दर्रों और भूस्खलन में 17 लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में रविवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। निचले इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
दार्जिलिंग में बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़क मार्ग टूट गए हैं। सिक्किम से सड़क संपर्क टूटने के कारण कई जगहों से आवागमन प्रभावित हुआ है। सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच सीधे संपर्क में भी बाधा आई है। तेज बहाव के कारण दुधिया पुल भी टूट गया। ऋषिखोला और पेडांग क्षेत्र में भूस्खलन के कारण कई सड़कों पर वाहन आवागमन बंद कर दिया गया है।
भूटान की वांगचू नदी का जलस्तर बढ़ने से उत्तरी बंगाल में बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। भूटान के अधिकारियों ने बताया कि वांगचू नदी का पानी बांध के ऊपर बह रहा है, जिससे जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे जलपाईगुड़ी और कूचबिहार जिलों में गंभीर जलभराव की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस आपदा पर दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों की हर संभव मदद के लिए तैयार है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी प्रभावितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और राहत कार्यों की सफलता की प्रार्थना की।
मौसम विभाग ने भी नदियों के जलस्तर बढ़ने और भारी बारिश के चलते रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इस आपदा ने न केवल स्थानीय लोगों के जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर डाला है। प्रशासन और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत कार्य कर रहे हैं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने में जुटे हैं।
भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में अब भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने सभी को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।





