केसीआर की बेटी कविता का पत्र लीक, बीआरएस में गुटबाजी और बीजेपी से नजदीकी के कयासों से तेलंगाना की राजनीति में हलचल

हैदराबाद:तेलंगाना की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी और पार्टी नेता के. कविता द्वारा लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पत्र में कविता ने पार्टी में गुटबाजी, बीजेपी पर पर्याप्त हमला न करने और केसीआर के चारों ओर “शैतानों” के होने जैसे मुद्दों पर चिंता जताई। कविता ने स्वीकार किया कि पत्र उन्होंने दो हफ्ते पहले अपने पिता को लिखा था, लेकिन उसके लीक हो जाने पर उन्होंने पार्टी के अंदर गुप्तचरों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह पार्टी के आंतरिक संवाद का हिस्सा था, जो अब सार्वजनिक हो गया है।

पत्र में कविता ने कहा है कि केसीआर भगवान जैसे हैं लेकिन इस समय वे “कुछ राक्षसों से घिरे हुए” हैं। उन्होंने वारंगल में 27 अप्रैल को हुई पार्टी की सिल्वर जुबली रैली का हवाला देते हुए कहा कि वहां केसीआर को बीजेपी के खिलाफ और तीखा हमला करना चाहिए था। कविता ने पत्र में यह भी लिखा कि पार्टी में साजिशें चल रही हैं और कुछ तत्व बीआरएस को कमजोर कर रहे हैं।

पत्र के लीक होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि बीआरएस का भाजपा में विलय संभव है या फिर पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष शुरू हो गया है। हालांकि इस संबंध में बीआरएस या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अटकलें तेज हो गई हैं।

वहीं बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम को नाटक करार दिया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने कविता के पत्र को महत्व न देते हुए इसे बीआरएस के डूबते जहाज की बौखलाहट बताया है। उन्होंने कहा कि यह पत्र सिर्फ लोगों की सहानुभूति पाने और सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

कविता ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने पिता को पहले भी फीडबैक के लिए पत्र लिखे हैं, लेकिन इस बार पत्र लीक हो गया, जो दर्शाता है कि पार्टी के अंदर विश्वासघात करने वाले लोग सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनका पत्र लीक हो सकता है तो बाकी नेताओं की गोपनीयता कितनी सुरक्षित है, इस पर सभी को विचार करना चाहिए।

फिलहाल, इस पत्र ने बीआरएस में अंदरूनी कलह और तेलंगाना की राजनीति में संभावित बड़े बदलाव की ओर संकेत जरूर दे दिया है।

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