अश्लील सीडी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर चलेगा मुकदमा, बढ़ीं कानूनी मुश्किलें

वर्ष 2017 के बहुचर्चित अश्लील सीडी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रायपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें उन्हें इस प्रकरण से दोषमुक्त किया गया था। इसके साथ ही अब इस मामले में उनके खिलाफ फिर से मुकदमा चलेगा।
सेशन कोर्ट ने सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि वर्ष 2024 में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा दिया गया डिस्चार्ज आदेश कानूनसम्मत नहीं था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सभी आरोपितों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
इस निर्णय के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ-साथ अन्य आरोपित कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा और विजय भाटिया की अपीलें भी खारिज कर दी गई हैं। अब इन सभी के खिलाफ आरोप तय होने के बाद मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
मामले में भूपेश बघेल पर कथित सीडी के वितरण और साजिश रचने के आरोप लगे थे। प्रकरण के दौरान उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भी रहना पड़ा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में भूपेश बघेल सहित छह लोगों को आरोपी बनाया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद वर्ष 2024 में उन्हें राहत मिली थी, लेकिन अब उच्च अदालत ने उस फैसले को पलट दिया है।
यह मामला अक्टूबर 2017 से जुड़ा है, जब तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत की एक कथित आपत्तिजनक सीडी सामने आई थी। आरोप था कि यह वीडियो कूटरचित था और मंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया था। इस प्रकरण में पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी भी हुई थी, जिनके पास से बड़ी संख्या में सीडी की प्रतियां मिलने का दावा किया गया था।
अदालत के ताजा फैसले के बाद अब इस मामले में फिर से सुनवाई शुरू होगी और सभी आरोपितों को न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।





