निगम बैठक: महापौर का सख्त निर्देश, अतिक्रमण हटाने में नहीं होगी कोई कोताही

विकास भवन में 24 घंटे का कंट्रोल रूम शुरू, जलभराव पर रहेगी नजर

बिलासपुर में शुक्रवार को हुई रिकॉर्ड बारिश और जलभराव के बाद नगर निगम प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है।(निगम बैठक) शहर में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए शनिवार को विकास भवन में महापौर पूजा विधानी और निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे की मौजूदगी में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने, ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने और कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए।

शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद बिलासपुर शहर में बने बाढ़ जैसे हालात ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। कई इलाकों में घंटों तक जलभराव रहा और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि राहत और बचाव कार्य के लिए निगम की टीमें देर रात से लगातार मैदान में जुटी रहीं और पानी निकासी का काम किया गया।

जलभराव पर रहेगी नजर (निगम बैठक)

इसी के मद्देनजर शनिवार को नगर निगम कार्यालय विकास भवन के दृष्टि सभा भवन में महापौर पूजा विधानी, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, सभी जोन कमिश्नर और विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर नालों और जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण किया गया है, उन्हें तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी भी जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति के दबाव में आने की जरूरत नहीं है और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

बैठक में निगम आयुक्त ने भी माना कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी को फटकार लगाई गई और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए सभी जोन अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही विकास भवन में 24 घंटे संचालित होने वाला कंट्रोल रूम भी शुरू किया गया है, जहां तीन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह टीम बाढ़ नियंत्रण कक्ष के साथ समन्वय बनाकर किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

नगर निगम को उम्मीद है कि इन तैयारियों से भविष्य में जलभराव की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि एक ही दिन में अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में व्यवस्था पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है, फिर भी नुकसान कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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