साल में दो बार मनाया जाता है World Earth Day, जानिए क्या है वजह..

नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं World Earth Day यानी की विश्व पृथ्वी दिवस, साल में दो बार एक 21 मार्च और दुसरा 22 अप्रैल को मनाया जाता है.. लेकिन क्यो? नहीं तो चलिए हम बताते हैं.. दरअसल विश्व पृथ्वी दिवस को दो अलग-अलग तारीखों पर मनाने के पीछे वैज्ञानिक और सामाजिक कारण दोनो ही हैं… संयुक्त राष्ट्र ने 21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के रूप में चुना, क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में वसंत का पहला दिन होता है.. और यह तारीख प्रकृति के संतुलन और ऋतुओं के बदलाव का प्रतीक है.. जो धरती की जैविक विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को रेखांकित करती है
जबकि 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला पृथ्वी दिवस एक वैश्विक सामाजिक आंदोलन का हिस्सा है.. इसकी शुरुआत सन 1970 में अमेरिका में पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हुई थी.. जो आज के समय में यह 195 से अधिक देशों में मनाया जाता है.. इस दिन लाखों लोग पृथ्वी को बचाने के लिए पेड़ लगाने, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक उपयोग कम करने जैसे कामों में हिस्सा लेते हैं.. तो कैसी लगी ये जानकारी.. क्या आप इस बारे में जानते थे.. कमेंट करके जरुर बताएं….
आज जब ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, प्रदूषण और जैव विविधता का ह्रास जैसी समस्याएं चरम पर हैं, पृथ्वी दिवस हमें यह याद दिलाता है कि धरती का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। छोटे-छोटे प्रयास जैसे पौधरोपण, ऊर्जा संरक्षण, और एकल-उपयोग प्लास्टिक से परहेज करना, पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
इस साल विश्व पृथ्वी दिवस का थीम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हम अभी नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पानी और प्राकृतिक संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक संगठनों में 22 अप्रैल को विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान और स्वच्छता ड्राइव आयोजित किए जाएंगे।





