बेमेतरा जिले में सभी दफ्तरों में काम बंद, राजस्व कोर्ट में आज की पेशी बढ़ीं..

बेमेतरा| जिले के सभी कर्मचारी-अधिकारी आज शुक्रवार को हड़ताल पर हैं। इनने मास्टर, बाबू, पटवारी, तहसीलदार,डिप्टी कलेक्टर और सफाईकर्मी से लेकर ड्राइवर तक शामिल हैं।  दरअसल, यह हड़ताल छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले हो रहा है। आज जिले में कलेक्टर को डीए सहित विभिन्न मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। बेमेतरा जिले के सभी दफ्तरों में कामकाज ठप्प है। राजस्व कोर्ट के आज जितनी पेशी थी उसे आगे बढ़ा दिया गया है। सरकारी अस्पताल में भी ग्रामीण पुरुष व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता आज ड्यूटी पर नहीं गए है। ये सामूहिक अवकाश लिए हुए।पटवारी, शिक्षक समेत अधिकांश कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर है।

फेडरेशन के नेताओं ने बताया कि प्रदेश में मोदी की गारंटी पूरी तरह फेल हो चुकी है। यहां कर्मचारियों की मूल मांगे तो दूर डीए जैसे मूलभूत चीजें भी नसीब नहीं हो पा रही है। जबकि नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रदेश भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र को मोदी की गारंटी कहकर राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों से बहुत सारे वादे किए थे। साथ ही यह भी कहा था कि केंद्रीय कर्मचारियों का डीए जब जब बढ़ेगा तब तब राज्य कर्मचारियों का भी डीए तत्काल बढ़ाया जाएगा। लेकिन छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी फेल हो चुकी है। आज हमे डीए जैसे पूरक, छोटी एवं अनिवार्य मांगो के लिए भी सड़क पर उतरना पड़ रहा है। इस एकदिवसीय हड़ताल में पूरे प्रदेश के कर्मचारी शामिल हैं।

ये हैं मुख्य मांगें – 
– केंद्र सरकार के समान 1 जनवरी 2024 से 4% महंगाई भत्ता दिया जाए और जुलाई 2019 से देय महंगाई भत्ते के एरियर्स की राशि का समायोजन जीपीएफ खाते में किया जाए।

– घोषणा पत्र के अनुसार शासकीय सेवकों को समयमान वेतनमान प्रदान किया जाए।
– केंद्र सरकार के समान गृह भाड़ा भत्ता दिया जाए।

– मध्यप्रदेश सरकार की तरह, शासकीय सेवकों के अर्जित अवकाश का नगदीकरण 240 दिनों के बजाय 300 दिनों के लिए किया जाए।

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