महिला आयोग की कोरबा में जनसुनवाई: जमीन रजिस्ट्री विवाद पर जनवरी 2026 में फिर होगी सुनवाई

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के नेतृत्व में कोरबा कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। यह राज्य स्तर की 354वीं और कोरबा जिले की 11वीं जनसुनवाई रही, जिसमें महिला उत्पीड़न और पारिवारिक विवादों से जुड़े कई मामलों पर सुनवाई की गई।
एक मामले में आवेदिका और अनावेदकगण के बीच आपसी विवाद सामने आया था। आयोग ने अनावेदक को रात के समय सार्वजनिक जगह पर आवारा पशुओं को भोजन कराने की गतिविधि बंद करने की समझाइश दी और कहा कि शासन की अनुमति के अनुसार तय समय में ही यह कार्य करें। समझाइश के बाद मामला नस्तीबद्ध कर दिया गया।
जनसुनवाई का सबसे महत्वपूर्ण मामला दीनदयाल एलआईजी हाउसिंग स्कीम के एक मकान की रजिस्ट्री से जुड़ा रहा। आवेदिका की मां ने 2014 में अनावेदक से यह मकान खरीदा था और तभी कब्जा भी मिल गया था, लेकिन रजिस्ट्री आज तक नहीं की गई। आवेदिका और उनकी मां वहीं रह रही हैं।
सुनवाई में अनावेदक ने स्वीकार किया कि उसने 2 लाख रुपये नकद और 3.50 लाख रुपये चेक के रूप में लिए थे। यह बात उसने 2023 में थाना कटघोरा को लिखे पत्रों में भी मानी है। हालांकि उसका दावा है कि चेक की रकम उसके खाते में नहीं आई और चेक डिसऑनर की शिकायत भी नहीं हुई। आयोग ने अनावेदक के इस दावे को संदिग्ध और असत्य प्रतीत बताया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2026 में होगी। आयोग ने निर्देश दिया है कि अगली तारीख पर अनावेदक 23 दिसंबर 2015 को जारी चेक लेकर सखी सेंटर में उपस्थित हों। वहीं आवेदिका को अपनी बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे यह साबित हो सके कि 3.50 लाख रुपये का भुगतान वास्तव में किया गया था या नहीं।





