प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत वाटरशेड यात्रा आयोजित

कोटा, ग्राम नगोई:
कोटा विकासखंड के ग्राम नगोई में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत एक महत्वपूर्ण वाटरशेड यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य जल संरक्षण और भू स्तर को बढ़ाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ और जागरूकता रैली
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा और राज्यगीत के साथ की गई। इसके बाद ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने जल संरक्षण जागरूकता रैली निकाली, जिसमें उन्होंने जल बचाने के उपायों और इसके महत्व पर जोर दिया। रैली में शामिल बच्चों और ग्रामीणों ने जल संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
कूप निर्माण कार्य का भूमि पूजन
जिला पंचायत सदस्य निरंजन सिंह पैकरा ने कूप निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जल संरक्षण उपायों के बारे में चर्चा की गई, जैसे कि अर्दन डैम, नाला बंड, कूप तालाब, लूज बोल्डर चेक और चेक डैम जैसी संरचनाओं को अपनाने की सलाह दी गई।
जल और मिट्टी संरक्षण पर प्रकाश
परियोजना अधिकारी अनिल कौशिक ने जल और मिट्टी संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इन संरचनाओं की उपयोगिता और इनकी सही तरीके से देखभाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल और मिट्टी प्रदूषण को रोकने के लिए प्रत्येक ग्रामीण को जिम्मेदारी से काम करना होगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामूहिक प्रयास
इस अवसर पर जल संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। वाटरशेड पानी गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर सभी ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता को महसूस किया। कार्यक्रम में पंचायत सदस्यों, स्वयंसेवी संस्थाओं, कृषि वैज्ञानिकों, जलग्रहण संगठन की टीम और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।
समूह प्रयासों की आवश्यकता
ग्रामीणों को जल संरक्षण के उपायों से अवगत कराते हुए, परियोजना अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जल संकट की समस्या से निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा और यह तभी संभव है जब हर कोई जल संरक्षण के महत्व को समझे और उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाए।





