नहर परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर ग्रामीणों का विरोध, मुआवजे को लेकर असंतोष

रायगढ़ जिले में छिछोर-उमरिया टेल माइनर नहर निर्माण परियोजना के तहत प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 10 साल पहले जिन जमीनों का अधिग्रहण किया गया था, वहां अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है और कई किसानों को मुआवजा भी नहीं मिला है।
ग्राम टिनमिनी में भूमि अर्जन की प्रक्रिया तेज किए जाने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि भू-अर्जन अधिकारी द्वारा धारा 21 के तहत नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के अंतर्गत जारी किया गया है। इसके बाद से मुआवजे को लेकर किसानों में असंतोष देखा जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें उचित और न्यायसंगत मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वे अपनी जमीन का कब्जा नहीं देंगे। कई किसानों को अब तक पहले अधिग्रहण की गई भूमि का भुगतान भी नहीं मिला है।
नोटिस में ग्राम टिनमिनी, पटवारी हल्का नंबर 34 की असिंचित भूमि को परियोजना के लिए अर्जित करने का उल्लेख किया गया है। यह भूमि नहर निर्माण परियोजना के लिए प्रस्तावित है।
भू-अर्जन प्रकरण के तहत संबंधित भूमिस्वामियों को 2 फरवरी को न्यायालय में उपस्थित होकर भूमि पर अधिकार, माप, प्रतिकर और संपत्ति से जुड़े दावे प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तय तिथि पर दावा नहीं करने की स्थिति में प्रतिकर पर सहमति मानी जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब तक पुनर्वास और मुआवजे की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसी कारण वे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
एसडीएम की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने अपर कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और उचित मुआवजा देने की मांग की।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पहले अधिग्रहित भूमि पर काम शुरू किया जाए और लंबित मुआवजा भुगतान किया जाए, उसके बाद ही नई भूमि का अधिग्रहण किया जाए।





