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रायगढ़ एयरपोर्ट विस्तार को लेकर ग्रामीणों की मांग, चार गुना मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था करने का आग्रह

रायगढ़ जिले में कोड़ातराई एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग की है। बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर अपनी समस्याएं और मांगें रखीं।

ग्रामीणों का कहना है कि एयरपोर्ट विस्तार के कारण गांव की जमीन, मकान, तालाब, स्कूल और अस्पताल प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए भूमि अधिग्रहण से पहले उचित मुआवजा, पुनर्वास और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

पुसौर तहसील के ग्राम औरदा के ग्रामीणों ने बताया कि कोड़ातराई में पहले से एयर स्ट्रिप मौजूद है और उसके विस्तार के लिए जमीन की जरूरत है। इस प्रक्रिया में औरदा गांव के लगभग 150 मकान प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से अपने परिवारों के साथ यहां रह रहे हैं और कृषि कार्य करके जीवनयापन करते हैं। अब एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण के तहत नापजोख की जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि अधिग्रहण के कारण मकान, खलिहान, बाड़ी, तालाब, अस्पताल और स्कूल प्रभावित होते हैं तो शासन के नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही मकानों की वर्तमान लागत के आधार पर चार गुना राशि का भुगतान किया जाए।

इसके अलावा पुनर्वास की व्यवस्था करते हुए परिवारों की संख्या के अनुसार ग्राम पंचायत औरदा में ही मकान निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि नए स्थान पर मकान के साथ आंगन, बाड़ी और खलिहान की सुविधा भी दी जाए तथा गांव में तालाब, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनबाड़ी और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना है कि इन मांगों को पूरा करने के बाद भूमि अधिग्रहण पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।

करीब 13-14 वर्ष पहले राज्य शासन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच समझौता हुआ था, जिसके तहत कोड़ातराई हवाई पट्टी को 4C VFR श्रेणी के एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। उसी योजना के तहत अब रायगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

एयरपोर्ट परियोजना के लिए वर्ष 2012 में चार गांवों में जमीन चिन्हित की गई थी। इनमें कोड़ातराई में 184 किसानों की 64 हेक्टेयर, औरदा में 75 किसानों की 29 हेक्टेयर, बेलपाली में 44 किसानों की 48 हेक्टेयर और जकेला में 132 किसानों की 86 हेक्टेयर जमीन शामिल है।

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