नगरीय निकायों पर 1000 करोड़ का बिजली बिल बकाया, नागपुर की कंपनी करेगी ऑडिट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के 184 नगरीय निकायों पर लगभग 1000 करोड़ रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया है। इसमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, अंबिकापुर, राजनांदगांव और जगदलपुर जैसे नगर निगम प्रमुख हैं। बिलासपुर पर 230 करोड़, रायपुर पर 200 करोड़ और दुर्ग पर 60 करोड़ का बकाया है। भारी-भरकम बिजली बिल के कारण निकायों का संचालन प्रभावित हो रहा है। पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइटिंग और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए लगाए गए बिजली कनेक्शन खर्च बढ़ा रहे हैं।
इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों का एनर्जी ऑडिट कराने का फैसला लिया है। नागपुर की डीआर कंसलटेंट कंपनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऑडिट से वास्तविक बिजली खपत, अनावश्यक सरचार्ज और अनियमितताओं की पहचान की जाएगी।
ऑडिट मिशन मोड में होगा। इसके लिए नगर निगमों में नोडल व सहायक नोडल अधिकारी तथा नगर पालिकाओं में CMO और वरिष्ठ अभियंता नियुक्त होंगे। निकायों से 25 जुलाई तक विद्युत मीटर, भवन, स्ट्रीट लाइट, बोरवेल, वाटर प्लांट आदि की जानकारी मांगी गई है। सभी मीटरों का GIS आधारित जियोग्राफिकल डेटा तैयार किया जाएगा ताकि बिजली अपव्यय रोका जा सके। निकायों को सोलर ऊर्जा की ओर भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे बिजली बिलों का बोझ घटे। ऑडिट के जरिए भविष्य में सरचार्ज और एरियर्स पर लगाम लगाने की योजना है।




