राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: ईरान-मध्य पूर्व युद्ध पर सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है और भारत को इस स्थिति पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और भारत की ऊर्जा आपूर्ति भी खतरे में पड़ सकती है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत का 40 प्रतिशत से अधिक तेल आयात होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता तनाव देश की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर डाल सकता है। उन्होंने दावा किया कि एक ईरानी जंगी जहाज को हिंद महासागर में डुबो दिया गया है, लेकिन इस पर प्रधानमंत्री की ओर से कोई बयान नहीं आया।
राहुल गांधी ने कहा, “दुनिया एक और उतार-चढ़ाव वाले दौर में आ गई है और आने वाला समय और भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे समय में भारत को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप हैं।”
कांग्रेस नेता ने इससे पहले भी केंद्र सरकार से ईरान और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर स्पष्ट रुख रखने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के हमलों के साथ-साथ ईरान की जवाबी कार्रवाई की भी निंदा की जानी चाहिए, क्योंकि हिंसा से हिंसा ही पैदा होती है।
राहुल गांधी का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत को नैतिक और रणनीतिक दोनों स्तर पर अपना स्पष्ट पक्ष दुनिया के सामने रखना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और संवाद को बढ़ावा मिल सके।





