“ट्रंप टैरिफ” से अमेरिका और चीन के बीच छिड़ी जंग, युद्ध का मंडरा रहा खतरा

नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को छोड़कर ज्यादातर देशों पर टैरिफ लगाने में 90 दिनों के विराम की घोषणा की है। ट्रंप ने ऐलान किया कि वैश्विक बाजारों में मंदी के बीच 90 दिनों के लिए ज्यादातर देशों के टैरिफ को वापस लिया जा रहा है, लेकिन चीन के टैरिफ को बढ़ाया जा रहा है।
बता दें ट्रंप ने चीन पर 104 फीसदी टैरिफ लगाया था, जिसका जवाब देते हुए चीन ने अमेरिका पर 84 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया। जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 84 फीसदी टैरिफ को बढाकर 125 फीसदी कर दिया है, जिसके चलते अमेरिका और चीन में व्यापार युद्ध लगातार जारी है। वही अमेरिका ने भारत सहित 75 देशो को 90 दिनों के लिए टैरिफ से राहत दी है। फिलहाल अमेरिका और चीन की बात करें तो दोनों ही देश एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक रवैया अपना रहे हैं, जिसका आने वाले समय में भयंकर परिणाम देखने मिल सकता है।
ट्रंप की मानें तो चीन ने दुनिया के बाजारों के प्रति सम्मान नहीं दिखाया है, इसके मद्देनजर अमेरिका ने चीन पर 104 फीसदी टैरिफ को बढ़ाकर 125 फीसदी कर दिया है। नए टैरिफ दर की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि चीन अब इस बात को समझेगा कि भविष्य में वह अमेरिका और अन्य देशों से धोखाधड़ी नहीं कर सकता। इस दौरान ट्रंप ने 75 से अधिक देशों के व्यापार प्रतिनिधियों, वाणिज्य विभाग, ट्रेजरी विभाग से व्यापार, टैरिफ, मुद्रा हेरफेर और दूसरे व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करने की बात कहीं है।
वही चीन ने 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ लागि कर दिया है, जो पहले घोषित 34 फीसदी के टैरिफ से 50 फीसदी ज्यादा है। चीन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति लागू करने के बाद उठाया गया है। बता दें ट्रंप द्वारा टैरिफ नीति लागि करने के बाद चीन ने इसे अमेरिका का अहंकारी और धमकाने वाला व्यवहार बताया था।
अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले 2 अप्रैल को मुक्ति दिवस के दिन भारत सहित कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की थी। इसके तहत चीन पर 34 फीसदी का अतिरिक्त टैक्स लगाया गया था। इस पर पलटवार करते हुए चीन ने भी अमेरिकी सामानों के आयात पर 34 फीसदी का टैक्स लगा दिया था। ट्रंप प्रशासन ने चीन पर 50 फीसदी यानी की कुल मिलाकर पहले 104 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया था।
ट्रंप की तरफ से ज्यादातर देशों में 90 दिनों के विराम की घोषणा की गई, जिसके बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में उछाल देखने मिला है। डाउ जोंस में 2151 से ज्यादा अंको की उछाल आई है। यह तक़रीबन 5.7 फीसदी है, वही नैस्डैक में 1290 अंकों के साथ यानी की 8.36 फीसदी और एसएडपी 500 में 340 अंको की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है, कि दुनिया भर के नेता अमेरिका के साथ समझौता करने बेताब हैं। शुल्क घोषणा पर समझौता करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। जो देश हमसे संपर्क कर रहे हैं, वो हमारे सामने समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहे है। यहां तक समझौते के लिए अपनी नाक रगड़ने तक को तैयार हैं।
वही टैरिफ नीति को लेकर अब यूरोपीय संघ ने भी 23 अरब डॉलर टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यूरोपीय संघ ने अमेरिका पर जवाबी हमला करते हुए अमेरिकी आयात पर 23 अरब डॉलर टैरिफ चार्ज लागू कर दिया है। यूरपीय संघ के सदस्य देशों ने ट्रंप की ओर से संघ पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ के जवाब में अमेरिकी आयात पर भारी-भरकम शुल्क लगाने के पक्ष में मतदान किया है।
फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान करते हुए भारत सहित कुल 75 देशों को 90 दिनों के लिए टैरिफ से राहत दी है। इस दौरान इन सभी देशों से टैरिफ को लेकर अमेरिका की बातचीत होगी। जिसके बाद किस देश पर कितना टैरिफ लगाया जाना है, इस बात पर आखरी फैसला लिया जाएगा। वही ट्रंप की इस टैरिफ नीति से चीन और यूरोपीय संघ भड़के हुए हैं।
ऐसे में चीन और अमेरिका के बीच लगातार विवाद गहराते जा रहा है। ऐसे में रोजाना दोनों ही देशों के बीच वैश्विक युद्ध जैसे हालात दिखाई पड़ रहे हैं। वही अब यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों ने भी अमेरिका के खिलाफ टैरिफ को लेकर जंग का आगाज कर दिया है, जिसका असर भविष्य में वैश्विक बाजारों पर एक भयंकर संकट के रूप में देखा जा सकता है।





