जशपुर में आदिवासियों का विरोध प्रदर्शन तेज, ज़मीन अधिग्रहण और झूठे केस पर गुस्सा

जशपुर।छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले में आदिवासी समुदाय ने एक बार फिर ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी ज़मीन पर बिना उनकी सहमति के रेलवे लाइन का सर्वे और भारत माला रोड का निर्माण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन जबरन उनकी ज़मीन ले रहा है और कई घर भी तोड़ दिए गए हैं। इसके बदले में उन्हें अब तक कोई मुआवज़ा नहीं मिला है। जब लोगों ने इसका विरोध किया तो सात ग्रामीणों के खिलाफ झूठे केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्रदर्शन कर रहे आदिवासी कह रहे हैं कि उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। वे मांग कर रहे हैं कि यह निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए। अगर उनकी बात नहीं मानी गई, तो वे राज्य और देश स्तर पर बड़ा आंदोलन करेंगे।
यह इलाका संविधान की पाँचवीं अनुसूची के तहत आता है, जहां आदिवासियों की सहमति के बिना कोई ज़मीन अधिग्रहण नहीं किया जा सकता।





