सहायक लोको पायलट चयन में पारदर्शिता की जीत: हाईकोर्ट का फैसला

सहायक लोको पायलट चयन परीक्षा को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है, कोर्ट ने कैट द्वारा सहायक लोको पायलट चयन में दोबारा शार्ट लिस्टिंग के आदेश को यथावत रखा है, और कैट के आदेश का पालन करते हुए दोबारा शार्ट लिस्ट जारी करने के निर्देश दिए है…मामले की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे व जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच में हुई.

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अगस्त 2018 को श्रेणी परिवर्तन कर सहायक लोको पायलट के 164 के अलावा अन्य पदों के लिए अधिसूचना जारी की… इसमें मांगी गई योग्यता पूर्ण करने पर ट्रैक मेंटेनर जे अनिल, शुभराम व अन्य ने आवेदन किया…. इसमें चयन प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित थी, जिसे ऑनलाइन आयोजित किया जाना था… 328 अभ्यर्थियों की कम्प्यूटर जांच की गई… योग्यता परीक्षण में 104 उम्मीदवारों को बुलाया गया था…मेडिकल के बाद जारी सूची में गड़बड़ी किए जाने एवं अन्य उम्मीदवारों से अधिक अंक प्राप्त होने के बाद भी उनका चयन नहीं किए जाने पर उन्होंने कैट में याचिका पेश की… कैट ने रेलवे को एएलपी चयन प्रक्रिया में दोबारा शार्ट लिस्टिंग करने का आदेश दिया… इसके खिलाफ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रेलवे बोर्ड ने हाईकोर्ट में अपील पेश कर कैट के आदेश को निरस्त करने की मांग की. हाईकोर्ट की डीबी ने सुनवाई के बाद कहा, कि कैट ने एएलपी पद के चयन की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते हुए एक तर्कसंगत आदेश पारित किया है… शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची को बिना श्रेणी में बदलाव किए फिर से तैयार करने का निर्देश दिया है….जिसे अवैध या मनमाना आदेश नहीं कहा जा सकता है.

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