Tragic Demise:उर्दू शायरी के बेताज बादशाह पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में निधन
विधायक अनुज शर्मा ने डॉ. बशीर बद्र के निधन पर जताया गहरा दुःख,

उर्दू के मशहूर शायर और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. बशीर बद्र का आज 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया, (Tragic Demise) जिसके बाद साहित्य, शायरी और फिल्मी दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद समाचार के बीच बिलासपुर पहुंचे धरसींवा विधायक एवं छत्तीसगढ़ी फिल्म स्टार अनुज शर्मा ने डॉ. बशीर बद्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और इसे साहित्य, शेर और शायरी के क्षेत्र में एक अपूरणीय क्षति बताया।
शेर-ओ-शायरी के क्षेत्र में हुई अपूरणीय क्षति (Tragic Demise)
अपनी बातचीत के दौरान अनुज शर्मा ने डॉ. बशीर बद्र के प्रसिद्ध और दिल को छू लेने वाले शेरों को कैमरे के सामने दोहराते हुए उन्हें याद किया। ज्ञात हो कि डॉ. बशीर बद्र अपनी सरल और आम आदमी के जज्बातों को बयां करने वाली शायरी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर थे और उन्हें गजल की दुनिया में एक बेहद ऊंचा मुकाम हासिल था। साहित्य में उनके इसी उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा उन्हें साल 1999 में पद्मश्री और इसके साथ ही साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया था; भले ही आज बशीर बद्र हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें और कालजयी शायरी लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस गई हैं.





