इन देशों के पास नहीं है खुद की सेना, युद्ध के हालात में दूसरे देशों पर पड़ेगा निर्भर

नई दिल्ली। आज के दौर में किसी भी देश की ताकत का अंदाजा उसकी सेना से लगाया जाता है. आधुनिक और मजबूत सैन्य बल किसी भी देश की सुरक्षा और विश्व में उसकी स्थिति को तय करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज भी कुछ देश ऐसे हैं, जिनके पास अपनी खुद की सेना नहीं है. ये देश किसी भी आपात स्थिति में या युद्ध के हालात में खुद की रक्षा नहीं कर सकते और उन्हें दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ देशों के बारे में.

कोस्टा रिका ने 1949 में अपनी सेना को पूरी तरह खत्म कर दिया था. 1948 में हुए गृहयुद्ध के बाद इस देश ने सैन्य बल को खत्म करने का फैसला लिया. आज यहां देश की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस बल के पास है, जो आंतरिक मामलों को संभालने के साथ-साथ बाहरी सुरक्षा का भी ध्यान रखता है.
पनामा में 1990 के बाद से कोई सेना नहीं है. हालांकि, इस देश ने अपनी सुरक्षा के लिए ‘पनामा पब्लिक फोर्स’ नाम की एक सुरक्षा एजेंसी बनाई है, जो आंतरिक मामलों को संभालती है और सीमाओं की सुरक्षा करती है. लेकिन अगर कभी बड़ा खतरा आ जाए, तो इसे बाहरी मदद लेनी होगी.
मॉरीशस, जो एक प्रसिद्ध द्वीपीय देश है, के पास भी अपनी कोई स्थायी सेना नहीं है. यहां लगभग 10,000 पुलिसकर्मियों की एक सुरक्षा फोर्स मौजूद है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने का काम करती है.
वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है, जिसकी आबादी सिर्फ 480 लोगों के आसपास है. यह कैथोलिक चर्च का मुख्यालय भी है. इस देश की कोई स्थायी सेना नहीं है, लेकिन इसकी सुरक्षा ‘Gendarmerie’ नामक पुलिस बल और ‘स्विस गार्ड’ के जिम्मे होती है, जो पोप और उनके निवास की सुरक्षा करते हैं.

सामोआ की स्थापना के समय से ही इस देश में कोई सेना नहीं है. जब इसे 1962 में न्यूजीलैंड से स्वतंत्रता मिली थी, तब दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था कि सामोआ अपनी सेना नहीं बनाएगा और जरूरत पड़ने पर न्यूजीलैंड से सुरक्षा सहायता लेगा.

 

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