नवा रायपुर में साइंस सिटी का प्रस्ताव पांच माह से केंद्र में लंबित

रायपुर। नवा रायपुर में देश की छठी साइंस सिटी बनाने का प्रस्ताव पिछले पांच महीने से केंद्र सरकार के पास अटका हुआ है। राज्य सरकार ने मार्च 2025 में इस परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) केंद्र को भेज दी थी, लेकिन अब तक प्रजेंटेशन के लिए बुलावा नहीं आया है। 232 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में खर्च करेंगे।
यह साइंस सिटी “स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ कल्चर ऑफ साइंस” के तहत प्रस्तावित है। नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम, कोलकाता ने इसकी डीपीआर तैयार की है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने नवा रायपुर में 35 एकड़ जमीन चिह्नित कर 28 मार्च 2025 को उसकी रजिस्ट्री पूरी कर ली।
केंद्र ने पिछले साल डीपीआर मांगी थी। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जुलाई 2024 में केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखा था। इसके बाद केंद्र के प्रतिनिधिमंडल ने स्थल निरीक्षण किया। अगस्त 2024 में केंद्रीय मंत्री ने डीपीआर मिलने के बाद परियोजना मूल्यांकन समिति द्वारा जांच की बात कही थी।
साइंस सिटी के लिए 2024-25 में 34.90 करोड़ का बजट रखा गया था, जिसमें से 25 लाख डीपीआर तैयार करने में खर्च हुए। बाकी राशि वापस चली गई। 2025-26 में इसके लिए 37 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
अटल नगर नवा रायपुर के सेक्टर 13, कयाबांधा गांव में 29.472 एकड़ भूमि 39.81 करोड़ में खरीदी गई है। मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि केंद्र को तय प्रारूप में डीपीआर भेज दी गई है और बैठक के बाद इसी सत्र में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।





