मानसून में अरबी के पत्तों का कमाल, दिल और इम्यूनिटी दोनों के लिए फायदेमंद

बारिश के मौसम में जब डॉक्टर हरी पत्तेदार सब्जियों से परहेज करने की सलाह देते हैं, तब एक पत्तेदार सब्जी ऐसी है जो स्वाद और सेहत दोनों में ही नंबर वन मानी जाती है।
यह है, अरबी का पत्ता, जिसे आम बोलचाल में ‘घुइयां के पत्ते’ और अंग्रेजी में Taro Leaves कहा जाता है।

मानसून में क्यों खाएं अरबी के पत्ते?
मानसून में अधिकतर पत्तेदार सब्जियां मिट्टी और गंदे पानी की वजह से जल्दी संक्रमित हो सकती हैं। लेकिन अरबी के पत्ते इस मौसम में आसानी से मिलते हैं, और इनमें मौजूद पोषक तत्व इन्हें एक हेल्दी ऑप्शन बनाते हैं।
इनका उपयोग पारंपरिक रूप से कई व्यंजनों जैसे पटोड़, पत्ते के पकौड़े और घुइयां भाजी में किया जाता है।


क्या कहती हैं रिसर्च?
‘साइंस डायरेक्ट’ में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, अरबी के पत्तों में एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-कैंसर, एंटी-डायबिटिक, एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
ये गुण गठिया, हाई ब्लड प्रेशर और संक्रमण जैसी बीमारियों से बचाने में सहायक हैं।
USDA की रिपोर्ट के मुताबिक,
अरबी के पत्तों में कम कैलोरी और अधिक फाइबर होता है, जिससे ये वजन कम करने वालों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प हैं।
दिल और इम्यूनिटी दोनों के लिए फायदेमंद
अरबी के पत्ते कोलेस्ट्रॉल-फ्री होते हैं और इनमें मौजूद पॉलीफेनोल्स और विटामिन C शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने की ताकत देते हैं।
ये आपके दिल को स्वस्थ रखने के साथ-साथ इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाते हैं।
आंखों से लेकर त्वचा तक फायदेमंद
इसमें पाया जाने वाला विटामिन A आंखों की रोशनी को तेज करता है।
वहीं थ्रेओनिन नामक अमीनो एसिड शरीर में कोलेजन और इलास्टिन बनाने में मदद करता है, जो त्वचा की सेहत और टोन को सुधारता है।
कैसे करें सेवन?
पत्ते के पकौड़े
घुइयां भाजी
सरसों या मूंगफली की ग्रेवी में पत्तों की करी
स्टीम करके चटनी या भुजिया के साथ
ध्यान देने योग्य बातें
कच्चे पत्ते खाने से परहेज करें, क्योंकि इनमें कैल्शियम ऑक्सलेट पाया जाता है, जो गले में खुजली पैदा कर सकता है। पकाने से पहले नींबू या इमली मिलाकर पत्तों को उबालना फायदेमंद रहता है।





