बालोद जिले के ग्रामीण अंचल में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, प्रार्थना सभा का विरोध किया तो गाली-गलौज पर उतरा आरोपी

बालोद जिले में धर्मांतरण का विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. धर्मांतरण का ताजा मामला गुंडरदेही विधानसभा में सामने आया है, जहां पिछले कई सप्ताह तक माहुद में चल रहे अवैध प्रार्थना सभा को लेकर बवाल मच गया है. कुछ हिंदूवादी संगठनों ने मौके पर पहुंचकर प्रार्थना सभा का विरोध जताया और आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का काम किया जा रहा है.
मनकी गांव में जुंगेरा पास्टर के रूप में प्रार्थना सभा करवा रहे व्यक्ति का विरोध
रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण अंचलों में प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों का धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोपी राकेश निर्मलकर रविवार को मनकी पहुंचा. सूचना मिलते ही मौके पर हिंदूवादी संगठन के लोग वहां पहुंच गए. इस दौरान आरोपी ग्रामीणों से गाली गलौच करने लगा. देखते ही देखते सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
प्रार्थना सभा का विरोध करने पर गाली-गलौच करने लगा आरोपी राकेश निर्मलकर
अर्जुंदा पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर धर्मांतरण को बढ़ावा देने और गाली-गलौच करने के आरोप में राकेश निर्मलकर पर कागजी कार्यवाही कर थाने ले गई. पुलिस ने आरोपी निर्मलकर को ग्रामीण अंचलों में शांति भंग करने के आरोप में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत धारा 170 की कार्यवाही कर जेल भेज दिया.
कांग्रेस सरकार के 5 वषों में ग्रामीण अंचलों में अधिक सक्रिए हुए ईसाई मिशनरी’
भाजपा महामंत्री विश्वास गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में पिछले 5 वर्षों में ग्रामीण अंचलों में ईसाई मिशनरी सक्रिय हुए है. उन्हें यहां से खदेड़ा जाएगा और अपने हिंदू भाइयों को हम अपने से किसी भी शर्त पर अलग होने नहीं देंगे. क्षेत्र में चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में धर्मांतरण की पूरी जानकारी गृह मंत्री विजय शर्मा को दी जाएगी.
आरोपी राकेश निर्मलकर के खिलाफ बीएनएसएस को धारा 170 के तहत कार्रवाई
मामले अर्जुन्दा थाना प्रभारी मनीष शेन्द्रे,ने बताया कि, मनकी में एक व्यक्ति द्वारा वाद विवाद करने की सूचना प्राप्त हुई थी, आरोपी धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के लिए गांव में प्रार्थना सभा कर रहा था. हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों के मना करने पर आरोपी गाली-गलौच करने लगा. आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस को धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई हैं.





