रायपुर में ई-रिक्शा चालकों का आतंक, नशा और लूटपाट की बढ़ रही घटनाएं

रायपुर। राजधानी में पहले ऑटो चालकों की मनमानी, लूट और नशा बेचने की घटनाएं आम थीं, लेकिन अब ई-रिक्शा चालक भी ऐसा ही करने लगे हैं। शहर में हर रोज़ ई-रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों के साथ बदसलूकी, लूटपाट, गांजा, चरस और शराब बेचने की शिकायतें मिल रही हैं।
शास्त्री चौक पर ऑटो बैन होने के बाद अब ये चालक कलेक्ट्रेट के सामने, कोटा स्टेडियम, कोटा रेलवे क्रॉसिंग और सरस्वती नगर थाने के पीछे अड्डा बना चुके हैं। यहां से नशे का सामान खुलेआम बेचा जाता है। शराब दुकानों के बंद होने के बाद ये ई-रिक्शा चालक देर रात तक (सुबह 5 बजे तक) बेखौफ नशा बेचते और गाड़ियां चलाते हैं।
पुलिस से मांग लोगों का कहना है कि पुलिस को इन चालकों का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जांचकर उनका वेरिफिकेशन करना चाहिए। इससे अपराधी किस्म के लोग पकड़े जा सकेंगे और हालात काबू में आ सकेंगे।
लूट और हादसों में भी बढ़ोतरी ई-रिक्शा चालक यात्रियों का मोबाइल, नकदी और सामान छीनने की घटनाओं में भी शामिल हैं। इसके अलावा ये नियम तोड़कर और तेज रफ्तार में रिक्शा चलाते हैं, जिससे कई हादसे हो चुके हैं। कुछ चालकों ने रेड सिग्नल तोड़कर और गलत दिशा में गाड़ी चलाकर यात्रियों की जान तक ले ली।
हाल ही में भगत सिंह चौक के पास एक ई-रिक्शा चालक ने रेड सिग्नल तोड़कर गाड़ी चलाई और एक महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
कुछ चालक खतरनाक स्टंट भी करते हैं और उसके वीडियो सोशल मीडिया पर डालते हैं, जिससे खुद और दूसरों की जान खतरे में डालते हैं।
निष्कर्ष ई-रिक्शा चालकों की इन हरकतों से यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है। पुलिस को जल्द सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि आने वाले समय में हालात और न बिगड़ें।





