छात्राओं से बैड-टच करने वाले टीचर को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने खारिज की अपील

बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने मुंगेली जिले के एक स्कूल शिक्षक को बड़ा झटका दिया है। नाबालिग छात्राओं से अभद्र व्यवहार और बैड-टच करने के मामले में दोषी करार दिए गए टीचर की अपील हाईकोर्ट ने खारिज कर दी।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि स्कूल टीचर का पद विश्वास और जिम्मेदारी का होता है। छात्राओं के साथ यौन या अपमानजनक हरकत सिर्फ कदाचार नहीं, बल्कि पाक्सो एक्ट के तहत गंभीर अपराध है।
मामला मुंगेली जिले के बरेला सरकारी स्कूल का है, जहां गणित और अंग्रेजी पढ़ाने वाले शिक्षक कीर्ति कुमार शर्मा बिना अनुमति के सातवीं कक्षा में विज्ञान पढ़ाते थे। इसी दौरान उन पर छात्राओं से छेड़छाड़ और बैड-टच करने के आरोप लगे।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। फास्ट-ट्रैक पाक्सो कोर्ट ने 2 मार्च 2022 को टीचर को 2 साल 2 महीने 6 दिन की सजा और जुर्माने से दंडित किया था।
शिक्षक ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि वह साजिश का शिकार है। लेकिन हाईकोर्ट ने छात्राओं की गवाही को विश्वसनीय मानते हुए कहा कि आरोपी को सजा से राहत नहीं दी जा सकती।





