टावर और जमीन के सवालों में उलझा बेलतरा? विधायक सुशांत शुक्ला की प्राथमिकताओं पर उठे गंभीर सवाल
सदन में गूंज रहे सवालों की दिशा पर विपक्ष हमलावर, बुनियादी समस्याओं की अनदेखी का आरोप

बेलतरा (विशेष संवाददाता): संसदीय लोकतंत्र में विधानसभा का पटल क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाने का सबसे बड़ा मंच होता है। किंतु बेलतरा विधानसभा(Beltara Assembly) से विधायक सुशांत शुक्ला (Sushant Shukla MLA ) की वर्तमान कार्यशैली और सदन में उनके द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों की प्रकृति ने एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या विधायक के मुद्दे क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों से मेल खाते हैं या उनका केंद्र केवल कुछ चुनिंदा विषय ही हैं।
चुनिंदा मुद्दों पर फोकस या जनहित की अनदेखी?
पूर्व जिला पंचायत सभापति और कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने विधायक (Sushant Shukla MLA ) की कार्यशैली पर तीखा प्रहार करते हुए उनके ‘जमीन से जुड़ाव’ को एक नया अर्थ दिया है। गौरहा का आरोप है कि विधायक के अधिकांश सवाल शासकीय जमीन, बिल्डरों की जांच और मोबाइल टावरों के इर्द-गिर्द ही सिमट कर रह गए हैं। गौरहा ने तंज कसते हुए कहा कि जहां बेलतरा की जनता सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार जैसे बुनियादी संघर्षों से जूझ रही है, वहीं विधायक का पूरा ध्यान अतिक्रमण और टावर गिनने जैसे तकनीकी विषयों पर अधिक केंद्रित प्रतीत होता है।
कानून-व्यवस्था और विवादित बयान
विधायक सुशांत शुक्ला (Sushant Shukla MLA ) द्वारा बिलासपुर की तुलना ‘उड़ता पंजाब’ से किए जाने और लिंगियाडीह क्षेत्र में चौड़ीकरण के नाम पर विस्थापन के संकल्प ने भी स्थानीय स्तर पर असंतोष और चर्चाओं को हवा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र में हालिया आपराधिक और राजनीतिक घटनाओं ने सरकार की छवि को प्रभावित किया है। ऐसे में एक जनप्रतिनिधि से यह अपेक्षा की जाती है कि वह व्यक्तिगत या तकनीकी मुद्दों के बजाय व्यापक जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दें।
जनता की उम्मीदें और आगामी सत्र
क्या लिंगियाडीह के खाली कराए जाने के संकल्प और टावरों की जांच से बेलतरा का सर्वांगीण विकास संभव है? यह सवाल अब जनता के बीच तैर रहा है। आगामी विधानसभा सत्र विधायक सुशांत शुक्ला (Sushant Shukla MLA ) के लिए एक चुनौती की तरह देखा जा रहा है, जहां उन्हें यह सिद्ध करना होगा कि उनके सवाल केवल ‘जमीन’ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें बेलतरा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास का व्यापक रोडमैप भी शामिल है।





