तहसीलदारों की हड़ताल से प्रदेशभर में कामकाज ठप, विधायक की गिरफ्तारी की मांग तेज

छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले को लेकर 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। आंदोलन के कारण प्रदेशभर की तहसीलों में कामकाज प्रभावित हो गया है और आम लोगों को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ मामले में आरोपी भाजपा विधायक और अन्य लोगों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है।

बातचीत बेनतीजा, आंदोलन जारी

कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ का कहना है कि राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शासन स्तर पर हुई बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते तहसील कार्यालयों में जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और कई फरियादी बिना काम कराए वापस लौट रहे हैं।

नार्को टेस्ट की मांग से बढ़ा विवाद

मामले में पीड़ित नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने स्वयं और विधायक रामकुमार टोप्पो का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। वहीं विधायक ने भी जांच में सहयोग करने और सभी तरह की जांच के लिए तैयार रहने की बात कही है। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद विवाद और अधिक चर्चा में आ गया है।

तहसीलों में सेवाएं प्रभावित, जनता परेशान

हड़ताल का असर तहसील न्यायालयों और राजस्व संबंधी कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है। सीमांकन, नामांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो गई हैं। कई मामलों में सुनवाई की तारीखें आगे बढ़ाई जा रही हैं। राजस्व निरीक्षक संघ के समर्थन के बाद आंदोलन और व्यापक हो गया है, जिससे प्रदेशभर में सरकारी कामकाज पर असर पड़ रहा है। प्रशासन और आंदोलनकारी अधिकारियों के बीच समाधान की कोशिशें जारी हैं, लेकिन फिलहाल हड़ताल समाप्त होने के संकेत नहीं मिले हैं।

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