दिन में भी जल रही स्ट्रीट लाइटें: नगर निगम की लापरवाही से हो रही बिजली की बर्बादी
पेंड्रीडीह से तिफरा तक एनएच पर लाइट व्यवस्था अस्त-व्यस्त, नहीं तय है ऑन-ऑफ का समय

बिलासपुर
बिलासपुर शहर के पेंड्रीडीह से तिफरा तक फैले 11 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे पर लगे 768 स्ट्रीट लाइटों की अनियमित व्यवस्था अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। ये लाइटें दिन के उजाले में भी लगातार जलती रहती हैं, जिससे बिजली की भारी बर्बादी हो रही है।

नगर निगम के अधीन है पूरी व्यवस्था
यह संपूर्ण लाइटिंग व्यवस्था बिलासपुर नगर निगम के अधीन है, लेकिन लाइट ऑन और ऑफ करने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया गया है। इस लापरवाही के कारण लाइटें दिनभर जलती रहती हैं, तो कभी-कभी रात में बिल्कुल नहीं जलतीं, जिससे सड़क पर अंधेरा छा जाता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
— स्थानीय निवासी
“हम रोज़ देखते हैं कि दोपहर में भी लाइटें जल रही होती हैं, लेकिन रात में कई बार पूरी सड़क अंधेरे में डूबी होती है।”
जनसुरक्षा और संसाधनों की बर्बादी दोनों पर खतरा
एक ओर जहां बिजली जैसे महत्वपूर्ण संसाधन की बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर रात में लाइट न जलने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। यह लापरवाही सीधे तौर पर जनसुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला बन चुका है।
स्थानीय लोगों की मांग: तय हो टाइमिंग और हो निगरानी
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम को चाहिए कि वह स्ट्रीट लाइटों के संचालन के लिए एक निर्धारित समय-सारणी बनाए। साथ ही, लाइटों के रखरखाव और निगरानी के लिए नियमित निरीक्षण टीम गठित की जाए।
क्षेत्रीय नागरिक समूह की मांग
“निगम को चाहिए कि हर वार्ड में लाइटों की निगरानी के लिए अलग-अलग ज़िम्मेदार अधिकारी नियुक्त करे।”
अब देखना यह है कि नगर निगम इस गंभीर लापरवाही को कितनी प्राथमिकता देता है और क्या व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।





