छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में मामूली बढ़ोतरी, किसानों और उद्योगों को राहत: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस साल बिजली दरों में सिर्फ 1.89% की मामूली बढ़ोतरी की गई है, जो पिछले वर्षों के मुकाबले सबसे कम है। यह फैसला जनता से सुझाव लेकर और पारदर्शी तरीके से लिया गया। घरेलू उपभोक्ता, किसान और उद्योगों को इससे राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि घरेलू बिजली दर में केवल 10–20 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। किसानों के लिए कृषि पंपों पर 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसका असर किसानों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि सरकार पहले से ही यह राशि सब्सिडी के रूप में दे रही है।

स्टील उद्योगों को राहत

राज्य सरकार ने स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों के लिए बिजली दरें कम की हैं, ताकि ये उद्योग ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकें।

गुणवत्ता और आपूर्ति में सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.85 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 23.45 घंटे रोजाना बिजली दी जा रही है। कृषि फीडरों को 18 घंटे की आपूर्ति मिल रही है, जो देश में सबसे ज्यादा है। साथ ही बिजली की तकनीकी हानि को 23% से घटाकर अब 13% कर दिया गया है।

बड़ा निवेश और नए प्रोजेक्ट्स

बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने 2433 करोड़ रुपये ट्रांसमिशन, 3977 करोड़ रुपये डिस्ट्रीब्यूशन और 2992 करोड़ रुपये जेनरेशन कंपनियों पर खर्च करने का प्लान बनाया है। कोरबा में 1320 मेगावाट का नया बिजली प्लांट भी बनाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 15,800 करोड़ रुपये है।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगवाने पर केंद्र से 78,000 रुपये और राज्य से 30,000 रुपये तक की मदद मिलेगी।

रोजगार के नए अवसर

उन्होंने बताया कि ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये के करार हुए हैं, जिससे आने वाले समय में न सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों को बेहतर, सस्ती और लगातार बिजली मिले और छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में देशभर में एक मिसाल बनाया जाए।

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