Bear Attack:छत्तीसगढ़ में भालू के शिकार का सनसनीखेज मामला: गुप्तांग समेत कई अंग गायब, वन विभाग को 8 दिन बाद लगी भनक!

Bear Attack: छत्तीसगढ़ के मरवाही वन मंडल में भालू के शिकार का मामला सामने आया है, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। इस घटना के सामने आने के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीओ मोहर सिंह, रेंजर और डिप्टी रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
दरअसल, मरवाही वन मंडल में एक भालू की क्षत-विक्षत लाश मिली है, जो करीब आठ दिन पुरानी बताई जा रही है। इस लाश को देखकर स्पष्ट हो गया कि भालू का शिकार किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भालू के कई महत्वपूर्ण अंग, जिनमें गुप्तांग भी शामिल हैं, गायब मिले। इससे यह संदेह और भी मजबूत हो गया कि शिकारियों ने तस्करी के मकसद से भालू का शिकार किया है।
जंगल में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना मनेंद्रगढ़ और मरवाही वन मंडल की सीमा पर हुई, लेकिन जंगल की रखवाली करने वाले वनकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे यह साफ हो गया कि अधिकारी और मैदानी अमला जंगल में गश्त करने में लापरवाह हैं। वन विभाग को इस घटना की जानकारी आठ दिन बाद, गुरुवार को मिली, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारी और वनकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे।
भालू के अंगों की तस्करी की आशंका
जब वन विभाग के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर भालू के शव की जांच की, तो वे दंग रह गए। भालू के शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे। माना जा रहा है कि अंगों की तस्करी के लिए यह शिकार किया गया है, क्योंकि भालू के अंगों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी कीमत होती है।
पोस्टमार्टम के बाद किया अंतिम संस्कार
घटना की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले भालू का पोस्टमार्टम कराया गया, जिससे शिकार की पुष्टि हो सकी। इसके बाद भालू का अंतिम संस्कार किया गया। अब वन विभाग आरोपियों की तलाश में जुटा है और इस घटना को अंजाम देने वाले शिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।





