Water crisis:जगदलपुर में भीषण जल संकट, पेयजल के लिए तरस रहे लोग!

Water Crisis:जगदलपुर: बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी गर्मी की शुरुआत के साथ ही सूखने लगी है, जिससे चित्रकूट जलप्रपात की धारा कमजोर हो गई है और शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। नदी में पर्याप्त पानी न होने के कारण शहर की बसाहटों और गांवों में पानी की भारी किल्लत हो गई है।
छत्तीसगढ़-उड़ीसा के बीच जल विवाद बना संकट की वजह
इंद्रावती नदी लंबे समय से छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के बीच जल विवाद का कारण बनी हुई है। नदी का पानी धीरे-धीरे अपने सहायक जोरा नाला में डायवर्ट हो रहा है, जिससे बस्तर को अपने हिस्से का पानी नहीं मिल रहा। यह देश का पहला मामला है, जहां एक नदी अपना मूल प्रवाह छोड़कर सहायक नाले में समाती जा रही है, जिसे रिवर पायरेसी कहा जाता है।
समझौते के बाद भी नहीं मिला समाधान
साल 2003 में इस विवाद को हल करने के लिए समझौता हुआ था। केंद्रीय जल आयोग के निर्देश पर 49 करोड़ रुपये की लागत से विवादित स्थल पर एक संरचना (स्ट्रक्चर) बनाई गई। यह कार्य 2016 में पूरा हुआ और दावा किया गया कि इससे इंद्रावती जल विवाद का समाधान हो जाएगा।
समझौते के तहत छत्तीसगढ़ और उड़ीसा को 50-50 प्रतिशत पानी मिलना था, लेकिन यह स्ट्रक्चर भी अब फेल हो चुका है। नदी का पानी अब भी सहायक नाले में बह रहा है, जिससे बस्तर में पानी की समस्या और गंभीर हो गई है।
इंद्रावती नदी में पानी कम होने से शहर में जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कई इलाकों में पानी की किल्लत हो गई है और लोग पेयजल के लिए परेशान हैं।यदि जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो गर्मी के दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से जल संकट को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।





